शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2009

भारत और विश्व, एक ईश्वरीय आव्हान ---------शुरुआत

मेरा भारत विश्व का नम्बर एक देश बने ,,, सारा विश्व भारत का सम्मान करे ,,, सारे विश्व के लोग एक परिवार की तरह मिलजुल कर रहें ,,, सब तरफ़ शान्ति और खुशहाली हो ,,, सभी प्रकार के हथियारों का समूल नाश हो ,,, सभी हथियार शांतिप्रिय तरीके से क्रमशः नष्ट कर दिए जायें ,,,ऐसी व्यवस्था हो सके ,,, हे ईश्वर कुछ ऐसा हो सके कि दुनिया से ईर्षा , अंहकार , नफरत भरा वातावरण समाप्त हो , सत्य और सहिष्णुता कि स्थापना हो ,,, आनंद ही आनंद हो ,,, जय हो मेरे भगवान, तू ऐसा निश्चित ही कर , मेरे भगवान् तू ऐसा जल्दी से जल्दी कर ,,, जय हो भारत ,जय हो भगवान् ,,, जय हो सत्य और प्रेम की ,क्योंकि सत्य और प्रेम ही तो ईश्वर है ,,, जय हिंद ! जय हिंद !जय हिंद !

3 टिप्‍पणियां:

Mired Mirage ने कहा…

आपका व आपके चिट्ठे का स्वागत है।
यदि भगवान जैसी परिकल्पना सच है और यदि वह वैसा ही है जैसा इस नाम वाले को होना चाहिए तो वह भारत का ही नहीं सम्पूर्ण विश्व का भला करेगा। कब यह तो वही जानता है।
घुघूती बासूती

Dr. shyam gupta ने कहा…

सद इच्छा ही ईश्वर है, यदि ऐसी इच्छा सभी करने लगें तो सच मच ही ऐसा होगा | अच्छी शुरूआत के लिए , कोटि-कोटि धन्यवाद व नमन |

Vinay ने कहा…

is sambhandh me aapke vicharo se 100% sahamat hu.